दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराकर जन लोकपाल क़ानून की मांग करने वाले अरविंद केजरीवाल आज दिल्ली की राजनीति के शीर्ष पर होंगे, ये किसने सोचा था.
लेकिन वक्त का पहिया घूमा और एक आंदोलन देखते ही देखते राजनीति पार्टी में बदल गया.
आज अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी दिल्ली में सत्ता पर क़ायम है और आने वाले चुनाव में भी पूरी टक्कर दे रही है.
पाँच साल पहले जब ये पार्टी ज़बरदस्त बहुमत के साथ जीतकर आई तो उससे पहले तीन बार कांग्रेस सत्ता में रह चुकी थी और बीजेपी उफान पर थी.
इन दो बड़ी पार्टियों के बीच में देश की राजधानी में किसी नई पार्टी का इस तरह उभरना नामुमकिन सा लगता था, लेकिन ऐसा हुआ और ये कैसे हुआ, ये जानने के लिए हमें जाना होगा साल 2011 में, जब सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे के नेतृत्व में भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जन आंदोलन खड़ा हुआ था.